14 फ़रवरी 2012 - 20:30

ईरानी राष्ट्र, दूरदर्शी, ठोस संकल्प वाला और समाज में उपस्थित रहने वाला राष्ट्र है जिसे पराजित नहीं किया जा सकता। वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह राष्ट्र, दो मार्च दो हज़ार बारह के संसदीय चुनाव में भी समय की संवेदनशीलता को समझते हुए चेतना से काम लेगा......

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने ईरानी राष्ट्र को अजेय बताया है। बुधवार को पूर्वोत्तरी ईरान के प्रान्त आज़रबाइजान से आए विभिन्न वर्गों के लोगों, अधिकारियों और बुद्धिजीवियों की बड़ी संख्या ने तेहरान में वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई से भेंट की। वरिष्ठ नेता ने इस अवसर पर अपने भाषण में कहा कि ईरानी राष्ट्र, दूरदर्शी, ठोस संकल्प वाला और समाज में उपस्थित रहने वाला राष्ट्र है जिसे पराजित नहीं किया जा सकता। वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह राष्ट्र, दो मार्च दो हज़ार बारह के संसदीय चुनाव में भी समय की संवेदनशीलता को समझते हुए चेतना से काम लेगा। वरिष्ठ नेता ने अपने भाषण में २२ बहमन बराबर ११ फ़रवरी को क्रांति की सफलता की रैली में जनता की उत्साहपूर्व उपस्थिति की सराहना की और कहा कि सभी का कहना है कि इस वर्ष स्वतंत्रता की रैली में जनता की भागीदारी गत वर्षों की तुलना में ज़्यादा और अधिक उत्साहपूर्ण थी। वरिष्ठ नेता ने ज़ायोनियों की अगुवाई में शत्रु के मोर्चे द्वारा जारी व्यापक कुप्रचारों की ओर संकेत करते हुए कहा कि निरंतरता से जारी रहने वाले इन कुप्रचारों का उद्देश्य विश्व में यह झूठ फैलाना है कि ईरान की साहसी , आस्थावान और परिक्षित जनता में अब क्रांति, इस्लाम और अपने उच्च लक्ष्यों के लिए कोई भावना बाक़ी नहीं है। वरिष्ठ नेता ने ईरानी राष्ट्र की दृढ़ता व संघर्ष को इस्लामी व्यवस्था की महान उपलब्धियों का रहस्य बताया और कहा कि जब राष्ट्र डट जाता है और शत्रु की दहाड़ व हंगामों से नहीं डरता तो विज्ञान व तकनीक, अर्थव्यवस्था, समाज और उसके विचार व धर्म तथा नारे सर्वव्यापी होते हैं।........166